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नासा की बड़ी खोज, इस गृह पर आखिर मिल ही गया पानी
HINDI NEWS18
Sun, 19 May 2019 23:59

नासा की बड़ी खोज, इस गृह पर आखिर मिल ही गया पानी

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Sun, 19 May 2019 23:59

अल्टीमा थुले का जारी किया गया फोटो.

नासा की बड़ी खोज, इस गृह पर आखिर मिल ही गया पानी

News18HindiUpdated: May 19, 2019, 11:59 PM IST

नासा ने अब तक की संभवतः सबसे बड़ी ोज की है. अब तक ोजे गए गृहों में पृथ्वी से सबसे दूर स्थित अल्टिमा थुले पर नासा को मिथेनॉल, बर्फ और कुछ ऑर्गेनिक मॉलिक्यूल्स मिले हैं. नासा ने इस संबंध में अल्टीमा थुले की एक प्रोफाइल भी जारी की है. नासा की ओर से जमा किए गए डाटा के अनुसार जियोलॉजिकल और कंपोजिशन के आधार पर इस बात की पुष्टि हुई है. वहीं वैज्ञानिकों को इस गृह की सतह पर कुछ चमकदार हिस्से भी दिे हैं जिसकी जांच की जा रही है. वहीं पहाड़ मैदान और बड़े क्रेटर भी इस पर मौजूद हैं.8 किमी का गड्ढावैज्ञानिकों को जांच के दौरान पता चला कि अल्टीमा थुले पर सबसे लंबा गड्ढा 8 किमी चौड़ा है. जिसके बाद इसका नाम वैज्ञानिकों ने मैरीलैंड क्रेटर रा है. बताया जा रहा है कि इस क्रेटर का निर्माण किसी बड़ी उल्का के टकराने से हुआ है. साथ ही यह भी माना जा रहा है कि बर्फ के कारण भी इस तरह के क्रेटर का निर्माण हो सकता है. वैज्ञानिकों के अनुसार थुले की सतह पर मौजूद लाल रंग यह बताता है कि यहां पर ऑर्गेनिक मैटिरियल मौजूद था जो अब बदल गया है. कोलोराडो स्थित साउथवेस्‍ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के एलेन स्टर्न ने बताया कि अब वैज्ञानिक इस गृह के इतिहास को जानने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि थुले की इस ोज के बाद सोलर सिस्टम के निर्माण के बारे में नई बातें जानने का अवसर मिलेगा.ये भी पढ़ें- जानिए कितनी राब हैं पाकिस्तानी आईएसआई की हरकतेंऐसे पड़ा नामनासा के अनुसार अल्टीमा थुले दो तरह की गोलाकार आकृतियों से निर्मित है. इसमें से एक आकृति थोड़ी बड़ी है जिसे अल्टीमा नाम दिया गया है. यह आकृति थोड़ी सी सपाट दिाई दे रही है. वहीं गोलाकार छोटी आकृ‌ति को थुले नाम दिया गया है. नासा के अनुसार इन दोनों ही आकृतियां को देने पर यह साफ हो जाता है कि यह कई बिलियन सालों पहले इसका निर्माण हुआ था. लेकिन नासा को अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इन आकृतियों का निर्माण कैसे हुआ. नासा का अनुमान है कि यह दोनों आकृतियां एक दूसरे का चक्कर लगा रही थीं और किसी तरह से यह आपस में जुड़ गईं.ऐसे नासा ने की ोज

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नासा का न्यू हॉराइजन स्पेस्क्राफ्ट लगातार अंतरिक्ष में घूम कर नई ोज करने में मदद कर रहा है. यह 2020 तक नासा को लगातार डाटा भेजता रहेगा और यह पृथ्वी से करीब 6.6 बिलियन किमी की दूरी पर है. यह लगातार क्यपर बेल्ट में अंदर जा रहा है जिससे अल्टीमा थुले से संबंधित और जानकारी एकत्रित कर सके.ये भी पढ़ें- समझौता ब्लास्ट में आरोपियों की रिहाई पर पाकिस्तान बोला- हम अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाएंगे मामलास्ताहाल हुई करेंसी, तो इमरान ान ने पाकिस्तानियों पर लगाई ये पाबंदी!एक क्लिक और बरें ुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
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